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इन 5 कारनोकी वजहसे विदेशी खिलाडी पीएसएल को आयपीएलसे बेहतर मानते है!


IPLऔर PSL में कौन सी टी-20 लीग बेहतर है यह मुद्दा हमेशा छिड़ा रहता है. वैसे तो IPL को दनिया की नंबर वन टी-20 लीग होने का तमगा हासिल है, लेकिन बीते कुछ सालों में PSL ने भी काफी सुधार करते हुए विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है. आज हम पांच ऐसे कारणों से आप को रूबरू कराने जा रहें कि जो ये बताते हैं कि आखिर क्यों विदेशी खिलाड़ी PSL को IPL से बेहतर टी-20 लीग मानते हैं.

1- PSL में खिलाड़ियों को मिलती है इज्जत

IPL में जब भी नीलामी की प्रक्रिया होती है ये अक्सर देखा जाता है कि कई बड़े विदेशी खिलाड़ियों को कोई खरीददार नहीं मिलता है. अगर मिल भी गया तो बेस प्राईस से ज्यादा उनकी बोली नहीं लगती है. ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच और इंग्लैंड के जेसन रॉय इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. जिन्हें IPL 2021 में कोई भी खरीददार नहीं मिला था.

पीएसएल

वहीं दूसरी तरफ अगर बात PSL की हो तो वहां पर सभी खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खुले रहते हैं. कई वर्षों पहले रिटायर हो चुके खिलाड़ी भी PSL में अलग-अगल टीमों से केल रहे हैं.ज्यादातर विदेशी खिलाड़ियों को ये उम्मीद रहती है कि अगर उन्हें IPL में जगह नहीं मिली तो वो पीएसल खेलकर कुछ जीविका कमा ही लेंगे.

2-फेंचाइजियों का आईपीएल में ज्यादा रहता है दबाव

ये बात हम सभी जानते हैं कि IPL में टीम मालिक अपने खिलाड़ियों पर पानी की तरह पैसा बहाते हैं लिहाजा वो उनसे बेहतर प्रदर्शन करने की हमेशा उम्मीद रखते हैं. ऐसा नहीं है कि PSL में टीम मालिक अपनी टीम के खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की इच्छा नहीं रखते.

मगर PSL फ्रेंचाइजियां खिलाड़ियों को IPL फ्रेंचाइजियों के मुकाबले काफी कम पैसा देती हैं, इसलिए खिलाड़ियों पर अच्छे प्रदर्शन का ज्यादा दबाव नहीं रहता है. IPL में अक्सर उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठ ही जाते हैं जो महंगे खरीदे जाते हैं और बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते.

3.गेंदबाजों के लिए PSL में ज्यादा मौके

IPL की तरह PSL में हाई स्कोरिंग मैच नहीं होते हैं. पाकिस्तान में आज भी बेहतरीन तेज गेंदबाज पाए जाते हैं. कई पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज 140 किलोप्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं. ऐसे में PSL खेलने आने वाले विदेशी गेंदबाजों का भी उत्साह बढ़ता है और वो बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं.

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसिस का भी यही कहना है कि तेज गेंदबाजों के मामले में PSL IPL से आगे हैं.पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वहाब रियाज़ का भी यही कहना था कि PSL का गेंदबाजी स्तर आईपीएल से बेहतर हैं क्योंकि यहां IPL के मुकाबले हाई स्कोरिंग मैच नहीं होते हैं.

4-PSL में तड़क-भड़क से ज्यादा खेल पर ध्यान देते हैं खिलाड़ी

 पीएसएल

PL में टीम के खिलाड़ी मैच के बाद अक्सर देर रात तक पार्टी करते हुए देखे जाते हैं. मैच जीतने वाली टीम का जश्न तो अलग ही होता है. वहीं दूसरी तरह PSL में भी ऐसी ऐसी तड़क-भड़क नहीं रहती है.

ऐसा नहीं है कि PSL में खिलाड़ी तनाव दूर करने के लिए कुछ करते नहीं है मगर जितनी मौज मस्ती IPL के दौरान देखने को मिलती है उतनी PSL में नहीं. ज्यादातर लोगों का मनाना है कि तड़क-भड़क के चलते भी खिलाड़ियों का ध्यान खेल से भटकता है और वो बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं.

पीएसएल

5-पैसे से ज्यादा खेल को पीएसएल में दी जाती है अहमियत

IPL में हमेशा से ही पैसों को महत्व दिया जाता रहा है. कम पैसों में खरीदे गए खिलाड़ी अगर बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं तो उनके आगे ये टैग जरूर लगाया जाता है कि उन्हें सस्ते में खरीदा गया है. एक तरह से उनके प्रदर्शन से ज्यादा पैसों को अहमियत दी जाती है.

वहीं दूसरी तरफ PSL में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ज्यादा महत्व दिया जाता है. PSL भी पीएसएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर अपनी पैनी नजर रखता है.

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