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भारतीय रसोई की 8 सबसे महत्वपूर्ण मसाले, जिनके बिना खाना पकाना कोई सोचभी नही सकेगा|

भारतीय खाना दुनिया भर में मशहूर है और इसका सबसे बड़ा कारण यह है, कि भारत में विभिन्न प्रकार के मसालों का प्रयोग किया जाता है। यदि आप भी जानना चाहते हैं, कैसे-कौन से मसाले हैं, जिसका इस्तेमाल करके भारतीय व्यंजन काफी स्वादिष्ट और सुगंधित हो जाते हैं, तो आइए जानते हैं।

लौंग

मसाले

लौंग जैसे क्लॉव भी कहा जाता है। आपको बता दूं, की यह एक पौधे की सूखी कलियां होती है और इस पौधे का नाम है यूजीनिया कैरियाफाइलेटा। लौंग को संस्कृत भाषा में पिपली भी कहा जाता है। इसका प्रयोग भारतीय व्यंजन में सबसे ज्यादा किया जाता है। इसका इस्तेमाल करने से व्यंजन सुगंधित हो जाता है और इसके अलावा इसका प्रयोग दांतो के दर्द निजात पाने के लिए भी किया जाता है।

इलायची

इलायची मुख्यतः दो तरह की होती है, छोटी इलायची और बड़ी इलायची।  छोटी इलायची का सबसे खास काम होता है, व्यंजन को सुगंधित बनाना और बड़ी इलायची का काम मसालों के रूप में किया जाता है। संस्कृत भाषा में इलायची को ऐना के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें, कि इलायची का प्रयोग औषधि बनाने में भी किया जाता है।

काली मिर्च

काली मिर्च लौंग के प्रजाति से ही आता है। काली मिर्च पौधे पर पके सूखे फलों के बीच के रूप में होता है। इसका मतलब यह हुआ, कि सूखे फलों के अंदर से जो बीच प्राप्त होता है, वही काली मिर्च होता है। इसका प्रयोग मसालों के लिए किया जाता है। इसका स्वाद खाने में थोड़ा तीखा है, लेकिन यह मासाले को काफी अच्छा बनाने में उपयोगी होता है। काली मिर्च का प्रयोग औषधि बनाने के लिए भी किया जाता है। खासकर यदि किसी को खांसी, वात, सांस इत्यादि की समस्या होती है, तो वह काली मिर्च का सेवन अवश्य करता है।

जीरा

जीरा को जीरक भी कहा जाता है, जो दिखने में बिल्कुल सौंफ की तरह दिखाई देता है। बता दूं, कि यह पास्ले जाती का पौधा होता है। उस पौधे के फूलों के बीज को सुखाकर जीरा बनाया जाता है। इसका प्रयोग मसाले के रूप में व जीरा के पाउडर के रूप में किया जाता है।

दालचीनी

 मसाले

सदाबहार पेड़ की छाल को दालचीनी कहा जाता है। यह आज के समय में दक्षिण भारत व श्रीलंका में पाया जाता है। दालचीनी का प्रयोग मसालों में खुशबू लाने के लिए किया जाता है। खासकर इसका इस्तेमाल गरम मसालों के रूप में किया जाता है। इसे मच्छरों को मारने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

धनिया

धनिया को मारवाड़ी भाषा में धोना नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है, कि धनिया रसोई की शान है। इसकी पत्तियों से लेकर तना व बीज तक का इस्तेमाल किया जाता है। धनिया व्यंजनों को सुगंधित को सजाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसके अलावा धनिया का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है।

हल्दी

 मसाले

हल्दी पौधे की जड़ से बनती है। यह काफी फायदेमंद होती है। इसका रंग पीला होता है और भोजन को पीला करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी का इस्तेमाल खासकर आयुर्वेद में औषधि बनाने में किया जाता है। शादी विवाह में हल्दी का प्रयोग सबसे ज्यादा किया जाता है। इसमें कई फलदाई गुण होते हैं, हल्दी का इस्तेमाल त्वचा को सौंदर्य बनाने में भी किया जाता है।

सौंफ

सौंफ अपने आप में एक बेहतरीन पदार्थ है। आपको बता दूं, कि इसका पौधा गाजर की प्रजाति से है। इसकी पैदावार साल भर की जाती है। सौंफ का प्रयोग व्यंजनों को सुगंधित बनाने के लिए किया जाता है और तो और इसका इस्तेमाल औषधि बनाने में भी किया जाता है। सौंफ शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।

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