हमारे सभी आर्टिकल्स खबरे और वीडियो पाने के लिए अनुसरण करें: फेसबुक 

========

आज भारत का नाम लगभग 50 मिलियन कार्डियो रोगियों और 155 मिलियन मोटे लोगों कि सूची में पहले स्थान पर आता है इसके अलवा करीब 30 मिलियन से भी अधिक लोग Diabetes और 100 मिलियन ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इस गणना से हमें यह पता चलता है, कि हमारी बढ़ती हुई  युवा आबादी किस तरह से गंभीर बीमारियों के चपेट में आती जा रही है।  आज की हमारी इस गतिहीन जीवन शैली को बढ़ती हुई बीमारियों का जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसका हम सक्रिय रूप से हिस्सा बनते जा रहे  हैं।

खानपान

 

बिना रुके लगातार कंप्यूटर तथा  टीवी के स्क्रीन को देखते रहना, काम के प्रेशर के कारण समय पर भोजन ना  करना, तथा घंटों तक लगातार भूखे रहने के बाद जंक फूड का सहारा लेना।  यह सभी कारण हमें लगातार बढ़ती हुई बीमारियों की ओर धकेलने के लिए काफी है। अपने रोजाना जीवन शैली में कुछ बदलाव करके हम खुद को इन गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं। अपने दैनिक खानपान में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल करें, आप कुछ दिन में ही बदलाव होता देखगे।

 

अंजीर / anjeer

 

इस हेल्दी ड्राई फ्रूट में बहुत सारे विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जिनमें पोटैशियम, विटामिन ए, सी और क, कॉपर से लेकर जिंक, आयरन और मैगनीज तक शामिल हैं। अंजीर में मौजूद पोटेशियम के कई फायदे हैं। यह रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है और भोजन का उचित पाचन सुनिश्चित करता है। इसमें फाइबर भी होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और आपको हानिकारक भोजन से बचाते हैं। ओमेगा 6, ओमेगा 3 और फिनोल जैसे फैटी एसिड की उपस्थिति स्वस्थ आंत्र आंदोलन को सुनिश्चित करते हुए कोरोनरी हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है।

 

गोभी :–

भारत में सर्वाधिक खपत होने वाली सब्जी गोभी, गोभी विटामिन, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट सहित कई पौष्टिक लाभों से भरा हुआ है। विभिन्न हृदय रोगों और यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद है। इसका कई तरीकों से सेवन किया जा सकता है, जैसे  सलाद, सूप या कच्चे  सब्ज़ी के रूप में । यह   ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करता है, जो आमतौर पर महिलाओं में देखा जाता है।

 

सेब :–

 

आम तौर पर ज्यादातर परिवारों के डाइनिंग टेबल पर रखे फलों की टोकरियों में देखा जाने वाला फल सेब है। सेब को एक बेहतरीन ऐपेटाइज़र माना जाता है, सेब में फाइबर अधिक मात्रा में पय जाता है तथा इसमे पानी कि मात्रा भी अधिक होती है। यह फल मानव कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में काफी मदद करता है और हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है। सेब में पाए जाने वाले घुलनशील फाइबर या पेक्टिन और मैलिक एसिड, पाचन को सुचारू बनाता है और मल को बिना किसी बाधा के आंतों से गुजरने में सक्षम बनाता है। सेब का उपयोग विभिन्न व्यंजन और डेसर्ट तैयार करने के लिए किया जा सकता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स मधुमेह को भी ठीक करने मे काफी मददगार है। जो अग्न्याशय में बीटा कोशिकाओं को खराब होंने से बचाता है।

 

स्पिरुलिना :–

 

स्पिरुलिना विभिन्न उपयोगी पोषक तत्वों जैसे कि प्रोटीन, विटामिन, आयरन से भरा होता है। स्पाइरुलिना में मौजूद फ़ाइकोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट अपने नीले-हरे रंग के लिए ज़िम्मेदार होता है। अध्ययनों के अनुसार, यह छींकने, खुजली या नाक से स्राव के साथ-साथ एलर्जी  का भी इलाज करता है। इन स्वास्थ्य लाभों के अलावा, स्पिरुलिना मानव शरीर में रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद करता है। यह लोगों की बीमारियों को ठीक करने में काफी मददगार होती है और लोगों को रोग मुक्त जीवन व्यतीत करने में सहायता करती है।

खानपान

====

 

हमारे अन्य लेख और खबरे पढ़ने के लिए क्लिक करें: Facebook|   Copyright@ hindi.yuvakatta.com | All Rights Reserved

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here